अभिव्यक्ति
( कविता, कहानियां एवं लेख )
सोमवार, 16 अप्रैल 2012
"एक समंदर था जिसे पैरों तले रौंद दिया
एक दरिया है जिसे पार नहीं कर पाए"
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