शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

एक कप चाय

चलो  ठीक है ....
तुम मेरे साथ मत चलना 
नया जहाँ बसा लेना 
नये सपने  सजा  लेना 
भुला देना ....
तोड़ देना वो सब 
किये वादे ...
सभी कसमे .. सभी नाते 
तुमको इजाज़त है .....
बस 
अब तुम किसी ओर  को ....
मेरी तरह से एक कप चाय मत पिलाना .....

2 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर!"पिलाती रहना!खुशियाँ बाँटती रहना औरों को भी!"

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